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72 घंटे की जंग: बिजनौर में थर्मल ड्रोन और डॉक्टरों संग शुरू हुआ ‘ऑपरेशन गुलदार’

72 घंटे की जंग: बिजनौर में थर्मल ड्रोन और डॉक्टरों संग शुरू हुआ ‘ऑपरेशन गुलदार’

बिजनौर/नज़ीबाबाद, 13 सितंबर 2025।
नज़ीबाबाद वन प्रभाग के कौड़िया रेंज में चल रहा गुलदार का आतंक अब प्रशासन और वन विभाग के लिए ‘चुनौती नंबर-1’ बन गया है। ग्रामीणों पर लगातार हमलों से दहशत का माहौल है, वहीं शनिवार से शुरू हुआ ऑपरेशन गुलदार अब जिले का सबसे हाई-टेक और चर्चित वन्य जीव रेस्क्यू अभियान बन गया है।

 जंगल में जंग: जब गुलदार ने दी दस्तक

कौड़िया रेंज के नया गांव, कांडरा बाली बढ़िया बाला और मथुरापुर मोड़ जैसे इलाकों में पिछले दिनों गुलदार की गतिविधियों ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी। खेतों में काम करने वाले किसानों से लेकर घर के बाहर खेलते बच्चों तक – सभी सहमे हुए हैं।
ग्रामीणों की मांग पर अब वन विभाग ने पूरा मोर्चा संभाल लिया है।

72 घंटे की डेडलाइन – गुलदार हर हाल में पकड़ा जाएगा

वन संरक्षक मुरादाबाद परिक्षेत्र और पीलीभीत टाइगर रिज़र्व के फील्ड डायरेक्टर ने सख्त आदेश दिए हैं –
👉 “3 दिनों में गुलदार को ट्रांक्विलाइज़ करके पकड़ना ही होगा।”
👉 कोई नई जनहानि बर्दाश्त नहीं होगी।
👉 गांवों में सुबह-शाम गश्त और सतत पेट्रोलिंग जारी रहेगी।

विशेषज्ञ टीम और हाई-टेक रणनीति

ऑपरेशन की कमान संभाल रहे हैं –

  • डॉ. दक्ष गंगवार – देशभर में चर्चित वन्य जीव विशेषज्ञ और चिकित्सक।
  • ज्ञान सिंह, एसडीओ बिजनौर और क्षेत्रीय वनाधिकारी की टीमें।
  • थर्मल ड्रोन यूनिट: रात के अंधेरे में भी गुलदार की लोकेशन पकड़ने का हथियार।
  • 6 पिंजरे और ओपन बैटिंग सिस्टम: गुलदार को लुभाने और फंसाने की रणनीति।
  • कूबिंग व ट्रैकिंग टीम: नया गांव में ही डेरा डालकर हर हरकत पर नज़र रखेगी।

ग्रामीणों के लिए अलर्ट मोड

  • बच्चों को अकेले बाहर न छोड़ने की अपील।

  • खेतों में काम करने वाले किसानों को समूह में जाने की सलाह।

  • संवेदनशील गांवों में जन-जागरूकता अभियान – वन विभाग के कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों को सुरक्षित रहने के उपाय बता रहे हैं।

ऑपरेशन का रोमांच – मानो कोई जंगल फिल्म की शूटिंग हो

इस रेस्क्यू मिशन को देखकर ग्रामीणों को मानो लगता है कि वे किसी जंगल एडवेंचर फिल्म का हिस्सा हैं –

  • आसमान में मंडराता थर्मल ड्रोन,
  • जंगलों में घूमती ट्रैकिंग टीमें,
  • पिंजरों में रखे गए चारे,
  • और लगातार घूमते वन विभाग के वाहन –
    पूरा माहौल सस्पेंस और थ्रिल से भर गया है।

 ग्रामीणों की उम्मीदें

ग्रामीण अब इस अभियान को लेकर राहत महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है –
👉 “पहली बार इतने बड़े स्तर पर तैयारी दिख रही है।”
👉 “ड्रोन और डॉक्टरों की टीम से भरोसा बढ़ा है।”
👉 “उम्मीद है कि अब गुलदार से छुटकारा मिल जाएगा।”

बड़ी तस्वीर (Big Picture)

बिजनौर में गुलदार के खौफ ने लोगों की दिनचर्या बदल दी है। अब वन विभाग के इस हाई-टेक ऑपरेशन पर सभी की निगाहें टिकी हैं। अगर यह मिशन सफल होता है तो यह सिर्फ एक गुलदार पकड़ने की कहानी नहीं होगी, बल्कि पूरे प्रदेश में मानव-वन्य जीव संघर्ष से निपटने का मॉडल अभियान भी बन जाएगा।

 

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