शिक्षक दिवस विशेष रिपोर्ट
बिजनौर में 28 आदर्श शिक्षक सम्मानित, बीएसए योगेंद्र कुमार बोले–“शिक्षक समाज को रोशन करने वाला दीपक हैं”

गरिमा से भरा आयोजन, सादगी में गहराई
बिजनौर। शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय के सभागार में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस मौके पर जिलेभर से चुने गए 28 आदर्श शिक्षकों को प्रमाण पत्र, स्मृति चिन्ह और उपहार देकर सम्मानित किया गया।
समारोह में शिक्षकों के चेहरे पर सम्मान का गर्व और आत्मीयता की चमक स्पष्ट दिखाई दी।
बीएसए का प्रेरक संदेश
बीएसए योगेंद्र कुमार ने कहा कि “शिक्षक उस दीपक की तरह हैं जो स्वयं जलकर समाज को ज्ञान का प्रकाश देते हैं। शिक्षण केवल पेशा नहीं बल्कि एक महान सेवा है, जो राष्ट्र निर्माण की नींव रखती है।”
उन्होंने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन और उनके शिक्षा दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक दिवस हमें उनके आदर्शों को याद करने और उन्हें व्यवहार में लाने का अवसर देता है।
सम्मानित शिक्षकों की सूची
इस अवसर पर हर ब्लॉक से चयनित शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
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किरतपुर से: अनीता रानी चौहान, दीपक कुमार
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अल्हैपुर से: आशाराम, अंजलि रानी
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नूरपुर से: अंगजीत सिंह, अंजलि कौशिक
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जलीलपुर से: रामवीर सिंह, माहे मुनीर
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बुढ़नपुर से: मनोज कुमार, ज्योति यादव
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आकू ब्लॉक से: कृष्ण पाल, निशि चौधरी
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मोहम्मदपुर देवमल से: रुबिका शर्मा, ताजवीर सिंह
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हल्दौर से: कृष्ण कुमार, शोभा रानी
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कोतवाली से: सोमेंद्र कुमार, पूर्णिमा चौधरी
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अफजलगढ़ से: प्राची राजपूत, धर्मवीर सिंह
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नगर क्षेत्र बिजनौर से: मोहम्मद जौहर, आरती रूहेला
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केजीबीवी किरतपुर से: निशा नाज
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नजीबाबाद से: प्रशांत दुबे, नम्रता चौधरी
शिक्षकों के अनुभव और विचार
सम्मानित शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को सही मार्गदर्शन देना और उनमें मानवीय मूल्य भरना ही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है।
कई शिक्षकों ने डिजिटल शिक्षा और नई शिक्षा नीति को लेकर भी अपने विचार रखे और शिक्षा क्षेत्र की चुनौतियों पर चर्चा की।
मंच पर मौजूद अधिकारी
इस मौके पर कई अधिकारी और अतिथि मौजूद रहे –
- अनुज कुमार शर्मा – जिला समन्वयक प्रशिक्षण
- चरण सिंह – खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय
- संदीप कुमार – शिक्षक प्रतिनिधि
- जयदीप – डायट प्रवक्ता
- संचालन – गुलशन गुप्ता
सभी ने एक स्वर में कहा कि शिक्षक समाज की असली धरोहर हैं और उनका योगदान अमूल्य है।
समारोह का संदेश
यह आयोजन केवल सम्मान का अवसर नहीं था, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा भी था।
बीएसए योगेंद्र कुमार ने कहा कि शिक्षक ही वे कर्णधार हैं जो विद्यार्थियों को ज्ञान, संस्कार और अनुशासन देकर देश का भविष्य गढ़ते हैं।
👉 यह आयोजन न केवल शिक्षकों के कार्य को पहचान देने वाला रहा, बल्कि इसने यह भी साबित किया कि समाज में शिक्षक ही सबसे बड़ी पूंजी हैं, जिनकी मेहनत और मार्गदर्शन से राष्ट्र का भविष्य सुरक्षित है।











