काशी में ‘शिवलिंग’ आकार का बनेगा 97 करोड़ का हाईटेक नगर निगम सदन, PM मोदी रखेंगे आधारशिला—एक ही छत के नीचे मिलेंगी बैंक-पोस्ट-पुलिस की सुविधाएं
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रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | डिजिटल डेस्क
वाराणसी। धर्म और संस्कृति की नगरी काशी अब प्रशासनिक आधुनिकता का भी नया प्रतीक बनने जा रही है। सिगरा स्थित नगर निगम मुख्यालय परिसर में करीब 97 करोड़ रुपये की लागत से ‘काशी-गंगा’ थीम पर आधारित भव्य और हाईटेक सदन भवन का निर्माण प्रस्तावित है। इस अत्याधुनिक भवन की खास बात इसकी शिवलिंग जैसी बाहरी संरचना होगी, जो आध्यात्मिक विरासत और डिजिटल प्रशासन के अद्वितीय संगम का प्रतीक बनेगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों रखे जाने की तैयारी चल रही है।
नगर निगम के अनुसार, यह परियोजना 15 माह में पूर्ण करने का लक्ष्य लेकर EPC मोड पर उप्र जल निगम की कार्यदायी संस्था C&DS द्वारा बनाई जाएगी। इसे पूर्वांचल ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश का सबसे आधुनिक नगर निगम मुख्यालय बनाने का दावा किया जा रहा है।
क्या है पूरा प्रोजेक्ट?—संरचना, लागत और खासियत
- लागत: 96.99 करोड़ रुपये
- स्थान: सिगरा, वाराणसी
- संरचना: G+4 (भविष्य में G+7 तक विस्तार संभव)
- निर्मित क्षेत्रफल: 21,858 वर्ग मीटर
- निर्माण अवधि: 15 माह
इस भवन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि जनसेवा और प्रशासनिक कार्य एक ही परिसर में डिजिटल और व्यवस्थित तरीके से संचालित हो सकें।
एक ही परिसर में मिलेंगी सभी जरूरी सुविधाएं
नए सदन भवन में नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए मल्टी-सर्विस मॉडल अपनाया गया है। यहां उपलब्ध होंगी—
- पुलिस चौकी
- बैंक शाखा
- पोस्ट ऑफिस
- जन्म-मृत्यु पंजीकरण केंद्र
- टैक्स कलेक्शन कार्यालय
- डेटा सेंटर और कंप्यूटर सेल
- कैंटीन और जनसंपर्क कार्यालय
इससे नागरिकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
180 पार्षदों के लिए हाईटेक सदन हॉल, महापौर और नगर आयुक्त के लिए विशेष कक्ष
भवन के विभिन्न तलों का उपयोग प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से तय किया गया है—
- पहला तल: 180 पार्षदों की क्षमता वाला आधुनिक सदन हॉल
- दूसरा तल: पार्षद कक्ष और वीवीआईपी रूम
- तीसरा तल: टैक्स विभाग और मीटिंग रूम
- चौथा तल: महापौर, नगर आयुक्त और कॉन्फ्रेंस हॉल
इसके अलावा भवन में आधुनिक लिफ्ट, सर्वर रूम, यूनियन हॉल और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर भी होगा।
विश्लेषण: क्या बदल देगा वाराणसी की प्रशासनिक तस्वीर?
1️⃣ प्रशासनिक दक्षता में होगा बड़ा सुधार
एक ही भवन में सभी विभाग होने से फाइल मूवमेंट तेज होगा और निर्णय प्रक्रिया में तेजी आएगी।
2️⃣ डिजिटल गवर्नेंस को मिलेगा बढ़ावा
डेटा सेंटर और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर से ई-गवर्नेंस सेवाएं मजबूत होंगी और नागरिकों को ऑनलाइन सेवाएं तेजी से मिलेंगी।
3️⃣ सांस्कृतिक पहचान और आधुनिकता का संगम
‘काशी-गंगा’ थीम पर आधारित डिजाइन शहर की धार्मिक पहचान को आधुनिक वास्तुकला से जोड़ेगा।
4️⃣ राजनीतिक और विकासात्मक संदेश
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में काशी के तेजी से हो रहे विकास को यह परियोजना और मजबूती देगी।
महापौर का बयान: बनेगा काशी की नई पहचान
महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा—
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संकल्प से काशी का तेजी से कायाकल्प हो रहा है। नया नगर निगम सदन भवन प्रशासनिक आधुनिकता और काशी की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बनेगा।”
चुनौतियां भी कम नहीं
हालांकि परियोजना महत्वाकांक्षी है, लेकिन कुछ चुनौतियां भी सामने हैं—
- समय सीमा में निर्माण पूरा करना
- लागत में वृद्धि की संभावना
- निर्माण के दौरान प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों
यदि इन चुनौतियों को सफलतापूर्वक पार कर लिया गया, तो यह भवन वास्तव में स्मार्ट प्रशासन का मॉडल बन सकता है।
काशी के विकास में नया मील का पत्थर
वाराणसी में प्रस्तावित यह हाईटेक नगर निगम सदन भवन केवल एक प्रशासनिक भवन नहीं, बल्कि डिजिटल इंडिया और सांस्कृतिक भारत के संगम का प्रतीक बनने जा रहा है। इससे न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि काशी को वैश्विक स्तर पर एक आधुनिक और व्यवस्थित शहर के रूप में नई पहचान भी मिलेगी।
काशी में 97 करोड़ की लागत से शिवलिंग आकार का हाईटेक नगर निगम सदन भवन बनेगा। PM मोदी रखेंगे आधारशिला, एक ही छत के नीचे मिलेंगी बैंक, पोस्ट ऑफिस और पुलिस की सुविधाएं। जानिए पूरा प्रोजेक्ट और विश्लेषण।
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